HISTORY - 𝓗𝓲𝓼𝓽𝓸𝓻𝔂 𝓘𝓷 𝓗𝓲𝓷𝓭𝓲

फ्रांसीसी क्रांति का कारण और घटनाएं | French Revolution in Hindi

French Revolution in Hindi-फ्रांसीसी क्रांति (1789-1799) फ्रांस में प्रमुख सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तन काल था। यह राजशाही के पतन, प्रथम फ्रांसीसी गणराज्य की स्थापना और नेपोलियन बोनापार्ट के उदय और नेपोलियन युग की शुरुआत का गवाह बना। फ्रांसीसी क्रांति को यूरोप के इतिहास की प्रभावकारी एवं निर्णायक घटनाओं में से एक माना जाता है। 1789 … Read more

विजयनगर साम्राज्य में आने वाले विदेशी यात्री

विजयनगर साम्राज्य में आने वाले विदेशी यात्री

विजयनगर साम्राज्य जिसकी स्थापना हरिहर और बुक्का नाम के दो भाइयों द्वारा की गई थी और यह मध्यकालीन इतिहास का सबसे प्रसिद्ध दक्षिण का राज्य था। विजयनगर साम्राज्य की ख्याति देश और विदेश में फैली। इस साम्राज्य में कई विदेशी यात्रियों ने भ्रमण किया और इसके बारे में अपने वृतांत लिखे। इस लेख में हम … Read more

सिंधु घाटी सभ्यता के लोगों का धार्मिक जीवन

सिंधु घाटी सभ्यता के लोगों का धार्मिक जीवन

सिंधु घाटी सभ्यता-विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक हड़प्पा सभ्यता अथवा सिंधु सभ्यता का महत्व हमारे वर्तमान जीवन से गहराई से जुड़ा है। हमारे धार्मिक विश्वास और संस्कृति के अनेक पहलुओं की झलक हमें सिंधु सभ्यता में देखने को मिलती है। यद्यपि उनके धार्मिक विश्वास कुछ प्रवृत्ति में प्राकृतिक चीजों से जुड़े थे और … Read more

प्रागैतिहासिक काल से संबंधित प्रश्नोत्तरी

यहाँ हमने प्रागैतिहासिक काल से संबंधित 60+ प्रश्नोत्तरी दी है जिसमें उत्तर श्रंखला प्रश्नोत्तरी के अंत में दी गई है आप अपने उत्तर को वहां जाँच सकते हैं। प्रागैतिहासिक काल से संबंधित प्रश्नोत्तरी 1- प्रागैतिहास का अर्थ है – (a) आद्य इतिहास (b) इतिहास (c) ऐसा इतिहास जिसके पुरातात्विक व साहित्यिक दोनों साक्ष्य हों ✔️(d) … Read more

Chalcolithic Culture In India | भारत में ताम्रपाषाण संस्कृति

ताम्रपाषाण संस्कृति

Chalcolithic Culture In India-नवपाषाण काल को दो भागों में विभाजित किया जाता है- प्रथम- गैरमृदभाण्ड और मृदभांड काल। जिस नवपाषाण काल में मृदभांड का प्रयोग हुआ उसके अंत में धातु का प्रयोग प्रारम्भ हुआ। आपको बता दें कि आदिमानव या प्रागैतिहासिक मानव ने जिस प्रथम धातु का प्रयोग किया वह तांबा थी। इस चरण में … Read more

अकबर के सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक सुधार | Akbar’s Social, Religious and Political Reforms

अकबर के सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक सुधार | Akbar's Social, Religious and Political Reforms

अकबर मुग़ल वंश का तीसरा सम्राट था जिसने 1553 से 1605 तक शासन किया। अकबर को मुग़ल सम्राटों में सबसे महान माना जाता है। अकबर ने भारत में अनेक सामाजिक सुधारों को अंजाम दिया। उसने हिन्दू मुस्लिम एकता और धार्मिक सौहार्द स्थापित करने का सफल प्रयास किया। अकबर ने ऐसे अनेक सुधार किये जिनका सीधा … Read more

दिल्ली सल्तनत की प्रशासनिक व्यवस्था-केंद्रीय, प्रांतीय, सैन्य, न्याय, भूमि कर व्यवस्था | The Administrative System of Delhi Sultanate in Hindi

दिल्ली सल्तनत की प्रशासनिक व्यवस्था-केंद्रीय, प्रांतीय, सैन्य, न्याय, भूमि कर व्यवस्था | The Administrative System of Delhi Sultanate in Hindi

Delhi Sultanate सल्तनत, दिल्ली सल्तनत की स्थापना 1206 ईस्वी में कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा स्थापित दास वंश से शुरू होती है और इसका अंत 1526 लोदी वंश के पतन से होता है। जब हम दिल्ली सल्तनत के शासकों कीशासन व्यवस्था को देखते हैं तो ऐसे तमाम अधिकारी थे जो अलग-अलग पदों पर कार्य करते हुए अपनी … Read more

Mughal Revenue System in Hindi | मुग़लकालीन राजस्व व्यवस्था का ऐतिहासिक मूल्यांकन

Mughal Revenue System in Hindi | मुग़लकालीन राजस्व व्यवस्था का ऐतिहासिक मूल्यांकन

Mughal Revenue System-भारत में मुग़ल वंश की स्थापना 1526 ईस्वी में बाबर द्वारा की गई था। यद्यपि बाबर एक कुशल योद्धा और शासक था लेकिन वह ज्यादा समय तक शान नहीं कर सका। हुमायूँ का शासन अनिश्चिताओं से घिरा रहा और वह एक कुशल प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करने में सफल रहा। मुग़ल प्रशासनिक व्यवस्था का … Read more

बलबन का राजत्व सिद्धांत- बलबन का जीवन परिचय, उपलब्धियां, राजतत्व का सिद्धांत, लौह एवं रक्त की नीति

बलबन का राजत्व सिद्धांत

बलबन का प्रारम्भिक जीवन बलबन दास वंश के सुल्तानों में सबसे अधिक शक्तिशाली माना जाता है। बलबन का जन्म 1216 ईस्वी में तुर्किस्तान में हुआ था। उसका वास्तविक नाम बहाउद्दीन था। वह इल्बारी तुर्क जाति से संबंधित था। उसे बचपन में ही मंगोलो ने पकड़ लिया था। बलबन को मंगोलो ने गजनी में ख्वाजा जमालुद्दीन … Read more

सती प्रथा क्या है- जानिए सती प्रथा के ऐतिहासिक पहलू

सती प्रथा क्या है- जानिए सती प्रथा के ऐतिहासिक पहलू

सती प्रथा का प्रारम्भ और उसके चलन की समस्या विवाह और पारिवारिक प्रणाली के इतिहास के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। सती प्रथा पितृसत्तात्मक वैवाहिक पद्धति का अभिन्न अंग थी। विवाह का सबंध व्यक्तियों से नहीं बल्कि संपूर्ण कुल या परिवार अथवा सामाजिक प्रणाली से था। अतएव सती प्रथा के स्वरूप को समझने के … Read more