HISTORY - 𝓗𝓲𝓼𝓽𝓸𝓻𝔂 𝓘𝓷 𝓗𝓲𝓷𝓭𝓲

Sutra Kaal in Hindi-सूत्र काल में सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक और राजनीतिक जीवन

Sutra Kaal in Hindi

उत्तर वैदिक काल के अंत तक वैदिक साहित्य का विस्तार हुआ साथ ही जटिलताएं भी बढ़ गईं। इसका परिणाम यह हुआ कि किसी एक व्यक्ति के लिए इन सबको कंठस्थ करना दुर्लभ कार्य था। इसलिए वैदिक साहित्य को अक्षुण्य रखने के लिए इसे संछिप्त करने की आवश्यकता महशुस हुई। सूत्र-साहित्य द्वारा इस आवश्यकता को पूरा … Read more

History of Maratha in Hindi | मराठा इतिहास हिंदी में

ऐतिहासिक रूप से मराठों को सामान्यत: ‘महरट्टा’ या ‘महरट्टी’ के रूप में जाना जाता है, जिन्हें इतिहास में उनकी बहादुरी के लिए पहचाना जाता है। मराठे विशेष रूप से क्षेत्रीय रक्षक और हिन्दू धर्म के उद्धारक के रूप में पहचाने जाते हैं, और इनका गृहक्षेत्र महाराष्ट्र राज्य के आधुनिक मराठी-भाषी क्षेत्र से संबंधित है।

गुप्तों के पतन के बाद उत्तर भारत की राजनीतिक दशा

मौर्यकाल के पतन के बाद भारत में एक मजबूत राजनीतिक इकाई का अभाव हो गया, जिसे गुप्तकाल में पूरा किया गया। गुप्तकाल [ 319-467] में एक से बढ़कर एक महान शासक हुए और भारत को शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। गुप्तों के पतन के बाद एक बार फिर उत्तर भारत में शक्ति शून्य उभर गया। उसके बाद उत्तर भारत में राजनीतिक रूप से क्षेत्रीय शक्तियों का उदय हुआ। इस लेख में हम गुप्तकाल के बाद उत्तर भारत की राजनीतिक दशा का वर्णन करेंगे।

जोसेफिन डी ब्यूहरैनिस, नेपोलियन की प्रथम पत्नी: द एनिग्मैटिक एम्प्रेस और नेपोलियन की प्रेम कहानी

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संभाजी भिड़े कौन हैं, जन्म, आयु, शिक्षा, विवाद

संभाजी भिड़े कौन हैं, संभाजी भिडे, जिन्हें उनके वास्तविक नाम “संभाजी मनोहर भिडे” से भी जाना जाता है, एक प्रमुख व्यक्ति हैं। उनका जन्म महाराष्ट्र के सतारा जिले के सबनिसवाडी में हुआ था। भिड़े महारष्ट्र के सांगली जिले में रहते हैं। भिड़े ने 1980 तक आरएसएस के एक सक्रीय कार्यकर्त्ता के रूप कार्य किया और … Read more

मधुबनी पेंटिंग: लोगों की जीवंत सांस्कृतिक विरासत

मिथिला, उत्तरी भारत के बिहार राज्य का एक क्षेत्र (और जिसका विस्तार नेपाल तक फैला हुआ है), चित्रकला के रूप में ज्ञान की एक महत्वपूर्ण परंपरा है। मधुबनी पेंटिंग (जिसे मिथिला पेंटिंग के नाम से भी जाना जाता है) का अभ्यास क्षेत्र की महिलाओं द्वारा सदियों से किया जाता रहा है और आज इसे मिथिला … Read more

आलोक मौर्य और ज्योति मौर्य (SDM) की कहानी: स्वीपर पति ने पढ़ा-लिखाकर बनाया पीसीएस अधिकारी, विश्वासघात का खुलासा

वास्तविक जीवन की यह कहानी बॉलीवुड की फिल्म “सूर्यवंशम” की याद दिलाती है, जहां एक अनपढ़ आदमी अपनी पत्नी को पढ़ाता है और पत्नी को आईएएस अधिकारी बनने के सपने को पूरा करने में मदद करता है, ऐसी ही एक कहानी एक मोड़ के साथ सामने आती है। बरेली में प्रांतीय सिविल सेवा (पीसीएस) अधिकारी … Read more

ब्राह्मी लिपि का ऐतिहासिक महत्व -विशेषताएं, उदय और विकास

ब्राह्मी लिपि सिंधु लिपि के बाद भारत में विकसित सबसे प्रारंभिक लेखन प्रणाली है। इसे हम सबसे प्रभावशाली लेखन प्रणालियों में से एक कह सकते हैं; क्योंकि सभी आधुनिक भारतीय लिपियाँ और दक्षिण पूर्व और पूर्वी एशिया में पाई जाने वाली कई सौ लिपियाँ ब्राह्मी लिपि से ली गई हैं। ब्राह्मी लिपि का ऐतिहासिक महत्व … Read more

मुग़लकालीन जागीरदारी प्रथा का मूल्यांकन | Jagirdari System in Hindi

मुग़ल काल में प्रशासनिक व्यवस्था में मनसबदारी व्यवस्था का महत्व और उपयोगिता को जिस व्यवस्था पर टिकाया गया उसका आधार जागीरदारी व्यवस्था थी। इस व्यवस्था ने जागीरदारों को आमदनी के स्रोत प्रदान किया। ये जागीरदार बड़े-बड़े महलों में रहते थे और शानदार जीवन शैली में रहते थे। आइये जानते हैं कि जागीरदारी व्यवस्था क्या थी? … Read more

मनसबदारी प्रथा क्या थी?-मुग़ल इतिहास | Mansabdari Vyvastha kya thee

मुग़ल काल भारत के इतिहास में सबसे प्रसिद्द कालों में से एक है। यह घृणा और प्रेम का मिश्रण है। यद्यपि यह घृणा अत्याचार अथवा अन्याय के बजाय धार्मिक ज्यादा है। लेकिन हम इस ब्लॉग में मुग़ल काल की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ कही जाने वाली Mansabdari–मनसबदारी व्यवस्था के विषय में अध्ययन करेंगे। ब्लॉग को … Read more