HISTORY - History in Hindi

बलबन का राजत्व सिद्धांत- बलबन का जीवन परिचय, उपलब्धियां, राजतत्व का सिद्धांत, लौह एवं रक्त की नीति

बलबन का राजत्व सिद्धांत

बलबन का प्रारम्भिक जीवन बलबन दास वंश के सुल्तानों में सबसे अधिक शक्तिशाली माना जाता है। बलबन का जन्म 1216 ईस्वी में तुर्किस्तान में हुआ था। उसका वास्तविक नाम बहाउद्दीन था। वह इल्बारी तुर्क जाति से संबंधित था। उसे बचपन में ही मंगोलो ने पकड़ लिया था। बलबन को मंगोलो ने गजनी में ख्वाजा जमालुद्दीन … Read more

सती प्रथा क्या है- जानिए सती प्रथा के ऐतिहासिक पहलू

सती प्रथा क्या है- जानिए सती प्रथा के ऐतिहासिक पहलू

सती प्रथा का प्रारम्भ और उसके चलन की समस्या विवाह और पारिवारिक प्रणाली के इतिहास के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। सती प्रथा पितृसत्तात्मक वैवाहिक पद्धति का अभिन्न अंग थी। विवाह का सबंध व्यक्तियों से नहीं बल्कि संपूर्ण कुल या परिवार अथवा सामाजिक प्रणाली से था। अतएव सती प्रथा के स्वरूप को समझने के … Read more

Sen Vansh Kaa Itihas | बंगाल के सेन राजवंश का इतिहास और उपलब्धियां

Sen Vansh Kaa Itihas

भारतीय इतिहास में बंगाल का अत्यंत महत्व रहा है मध्यकाल में बंगाल में पाल वंश के पतन के बाद Sen Vansh-सेन वंश के हाथ में बंगाल की शासन सत्ता आई। सेन शासक शक्तिशाली थे और उन्होंने अपने साम्राज्य का विस्तार किया। सेन वंश इतिहास कई उपलब्धियों के लिए जाना जाता है। सेन शासक साहित्य तथा … Read more

Sutra Kaal in Hindi-सूत्र काल में सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक और राजनीतिक जीवन

Sutra Kaal in Hindi

उत्तर वैदिक काल के अंत तक वैदिक साहित्य का विस्तार हुआ साथ ही जटिलताएं भी बढ़ गईं। इसका परिणाम यह हुआ कि किसी एक व्यक्ति के लिए इन सबको कंठस्थ करना दुर्लभ कार्य था। इसलिए वैदिक साहित्य को अक्षुण्य रखने के लिए इसे संछिप्त करने की आवश्यकता महशुस हुई। सूत्र-साहित्य द्वारा इस आवश्यकता को पूरा … Read more

History of Maratha in Hindi | मराठा इतिहास हिंदी में

ऐतिहासिक रूप से मराठों को सामान्यत: ‘महरट्टा’ या ‘महरट्टी’ के रूप में जाना जाता है, जिन्हें इतिहास में उनकी बहादुरी के लिए पहचाना जाता है। मराठे विशेष रूप से क्षेत्रीय रक्षक और हिन्दू धर्म के उद्धारक के रूप में पहचाने जाते हैं, और इनका गृहक्षेत्र महाराष्ट्र राज्य के आधुनिक मराठी-भाषी क्षेत्र से संबंधित है।

गुप्तों के पतन के बाद उत्तर भारत की राजनीतिक दशा

मौर्यकाल के पतन के बाद भारत में एक मजबूत राजनीतिक इकाई का अभाव हो गया, जिसे गुप्तकाल में पूरा किया गया। गुप्तकाल [ 319-467] में एक से बढ़कर एक महान शासक हुए और भारत को शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। गुप्तों के पतन के बाद एक बार फिर उत्तर भारत में शक्ति शून्य उभर गया। उसके बाद उत्तर भारत में राजनीतिक रूप से क्षेत्रीय शक्तियों का उदय हुआ। इस लेख में हम गुप्तकाल के बाद उत्तर भारत की राजनीतिक दशा का वर्णन करेंगे।

जोसेफिन डी ब्यूहरैनिस, नेपोलियन की प्रथम पत्नी: द एनिग्मैटिक एम्प्रेस और नेपोलियन की प्रेम कहानी

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संभाजी भिड़े कौन हैं, जन्म, आयु, शिक्षा, विवाद

संभाजी भिड़े कौन हैं, संभाजी भिडे, जिन्हें उनके वास्तविक नाम “संभाजी मनोहर भिडे” से भी जाना जाता है, एक प्रमुख व्यक्ति हैं। उनका जन्म महाराष्ट्र के सतारा जिले के सबनिसवाडी में हुआ था। भिड़े महारष्ट्र के सांगली जिले में रहते हैं। भिड़े ने 1980 तक आरएसएस के एक सक्रीय कार्यकर्त्ता के रूप कार्य किया और … Read more

मधुबनी पेंटिंग: लोगों की जीवंत सांस्कृतिक विरासत

मिथिला, उत्तरी भारत के बिहार राज्य का एक क्षेत्र (और जिसका विस्तार नेपाल तक फैला हुआ है), चित्रकला के रूप में ज्ञान की एक महत्वपूर्ण परंपरा है। मधुबनी पेंटिंग (जिसे मिथिला पेंटिंग के नाम से भी जाना जाता है) का अभ्यास क्षेत्र की महिलाओं द्वारा सदियों से किया जाता रहा है और आज इसे मिथिला … Read more

आलोक मौर्य और ज्योति मौर्य (SDM) की कहानी: स्वीपर पति ने पढ़ा-लिखाकर बनाया पीसीएस अधिकारी, विश्वासघात का खुलासा

वास्तविक जीवन की यह कहानी बॉलीवुड की फिल्म “सूर्यवंशम” की याद दिलाती है, जहां एक अनपढ़ आदमी अपनी पत्नी को पढ़ाता है और पत्नी को आईएएस अधिकारी बनने के सपने को पूरा करने में मदद करता है, ऐसी ही एक कहानी एक मोड़ के साथ सामने आती है। बरेली में प्रांतीय सिविल सेवा (पीसीएस) अधिकारी … Read more

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