DR SANTOSH KUMAR SAIN

विजयनगर साम्राज्य में आने वाले विदेशी यात्री

विजयनगर साम्राज्य में आने वाले विदेशी यात्री

विजयनगर साम्राज्य जिसकी स्थापना हरिहर और बुक्का नाम के दो भाइयों द्वारा की गई थी और यह मध्यकालीन इतिहास का सबसे प्रसिद्ध दक्षिण का राज्य था। विजयनगर साम्राज्य की ख्याति देश और विदेश में फैली। इस साम्राज्य में कई विदेशी यात्रियों ने भ्रमण किया और इसके बारे में अपने वृतांत लिखे। इस लेख में हम … Read more

वैदिककालीन साहित्य- वेद, ब्राह्मण ग्रंथ, आरण्यक और उपनिषद

हड़प्पा सभ्यता के पतन के पश्चात् भारत में एक नवीन सभ्यता का उद्भव हुआ और इस सभ्यता को वैदिक सभ्यता कहा जाता है। इस सभ्यता के बारे में सबसे ठोस जानकारी वेदों में मिलती है

हड़प्पा सभ्यता के पतन के पश्चात् भारत में एक नवीन सभ्यता का उद्भव हुआ और इस सभ्यता को वैदिक सभ्यता कहा जाता है। इस सभ्यता के बारे में सबसे ठोस जानकारी वेदों में मिलती है जिसके कारण इसे वैदिक सभ्यता कहा जाता है। यद्यपि प्रारम्भ मरण वेद मौखिक रूप से पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ते … Read more

गुप्तकालीन प्रशासनिक व्यवस्था | Gupta Administrative System in Hindi

गुप्तकाल को भारत में ब्राह्मण धर्म और हुन्दुओं के उत्थान का काल माना जाता है। गुप्तकालीन शासक अपने अदम्य शौर्य और शक्तिशाली सैन्य व्यवस्था के साथ कुशल प्रशासनिक व्यवस्था के लिए भी प्रसिद्ध थे। इस लेख में हम गुप्तकालीन प्रशासनिक व्यवस्था के विषय में जानेंगे। लेख को अंत तक अवश्य पढ़ें।

बौद्ध धर्म के विकास में बौद्ध संगीतियों की भूमिका- चार बौद्ध संगीतियाँ

बौद्ध संगीतियाँ

बौद्ध संगीतियाँ-भारतीय इतिहास में महात्मा बुद्ध और उनके द्वारा स्थापित बौद्ध धर्म सबसे प्रामाणिक और स्वीकार्य धर्म रहा है। तत्कालीन शासकों ने बौद्ध धर्म को राजकीय संरक्षण दिया और भारत सहित देश विदेशों में बौद्ध धर्म ने अपनी जड़ें जमाई। इसी क्रम में चार बौद्ध दंगीतियों के आयोजन ने बौद्ध धर्म के विकास में महत्वपूर्ण … Read more

Dara Singh Biography in Hindi | दारा सिंह की जीवनी हिंदी में, आयु, मृत्यु, पत्नी, बच्चे, परिवार, जाति, विकी और अधिक

Dara Singh

Dara Singh–दारा सिंह भारत के जाने-माने पहलवान थे जिन्हें पहलवानी और कुश्ती के आलावा उनकी अभिनय क्षमता के कारण प्रसिद्धि मिली। दारा सिंह का वास्तविक नाम दीदार सिंह रंधावा था और उनका जन्म 19 नवंबर 1928 को अमृतसर पंजाब भारत में हुआ था। उनकी मृत्यु 84 वर्ष की आयु में 12 जुलाई 2012 को मुंबई … Read more

सिंधु घाटी सभ्यता के लोगों का धार्मिक जीवन

सिंधु घाटी सभ्यता के लोगों का धार्मिक जीवन

सिंधु घाटी सभ्यता-विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक हड़प्पा सभ्यता अथवा सिंधु सभ्यता का महत्व हमारे वर्तमान जीवन से गहराई से जुड़ा है। हमारे धार्मिक विश्वास और संस्कृति के अनेक पहलुओं की झलक हमें सिंधु सभ्यता में देखने को मिलती है। यद्यपि उनके धार्मिक विश्वास कुछ प्रवृत्ति में प्राकृतिक चीजों से जुड़े थे और … Read more

प्रागैतिहासिक काल से संबंधित प्रश्नोत्तरी

यहाँ हमने प्रागैतिहासिक काल से संबंधित 60+ प्रश्नोत्तरी दी है जिसमें उत्तर श्रंखला प्रश्नोत्तरी के अंत में दी गई है आप अपने उत्तर को वहां जाँच सकते हैं। प्रागैतिहासिक काल से संबंधित प्रश्नोत्तरी 1- प्रागैतिहास का अर्थ है – (a) आद्य इतिहास (b) इतिहास (c) ऐसा इतिहास जिसके पुरातात्विक व साहित्यिक दोनों साक्ष्य हों ✔️(d) … Read more

Chalcolithic Culture In India | भारत में ताम्रपाषाण संस्कृति

ताम्रपाषाण संस्कृति

Chalcolithic Culture In India-नवपाषाण काल को दो भागों में विभाजित किया जाता है- प्रथम- गैरमृदभाण्ड और मृदभांड काल। जिस नवपाषाण काल में मृदभांड का प्रयोग हुआ उसके अंत में धातु का प्रयोग प्रारम्भ हुआ। आपको बता दें कि आदिमानव या प्रागैतिहासिक मानव ने जिस प्रथम धातु का प्रयोग किया वह तांबा थी। इस चरण में … Read more

अकबर के सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक सुधार | Akbar’s Social, Religious and Political Reforms

अकबर के सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक सुधार | Akbar's Social, Religious and Political Reforms

अकबर मुग़ल वंश का तीसरा सम्राट था जिसने 1553 से 1605 तक शासन किया। अकबर को मुग़ल सम्राटों में सबसे महान माना जाता है। अकबर ने भारत में अनेक सामाजिक सुधारों को अंजाम दिया। उसने हिन्दू मुस्लिम एकता और धार्मिक सौहार्द स्थापित करने का सफल प्रयास किया। अकबर ने ऐसे अनेक सुधार किये जिनका सीधा … Read more

राष्ट्रीय आंदोलन में नमक आंदोलन का महत्व | Salt March in Hindi

नमक आंदोलन का महत्व

Salt March –महात्मा गाँधी ने 1922 में चौरी-चौरा की हिंसक घटना के बाद असहयोग आंदोलन स्थगित कर दिया था और भारतीय राजनीति में कुछ वर्षों के लिए शून्य सा माहौल हो गया। हालांकि चितंजन दास, मोतीलाल नेहरू और लाला लाजपत राय ने स्थानीय स्तर पर राष्ट्रीय आंदोलन को जीवित रखा। इस बीच मार्च 1923 में … Read more