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जानिए विश्व फोटोग्राफी दिवस 2022 पर पहली सेल्फी कब ली गई थी, इतिहास और थीम

जानिए विश्व फोटोग्राफी दिवस 2022 पर पहली सेल्फी कब ली गई थी, इतिहास और थीम-तस्वीरें जो स्मृति के रूप में कैद की जाती हैं। एक छोटे से पल की तस्वीर खींचकर आप उस पल को हमेशा के लिए यादगार बना सकते हैं। तस्वीरें तो बहुत लोग खींचते है मगर अच्छी तस्वीरें लेना भी एक कला है। तस्वीरों का महत्व बताने के लिए हर साल 19 अगस्त यानी इस दिन विश्व फोटोग्राफी दिवस के रूप में मनाया जाता है।

जानिए विश्व फोटोग्राफी दिवस 2022 पर पहली सेल्फी कब ली गई थी, इतिहास और थीम
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जानिए विश्व फोटोग्राफी दिवस 2022 पर पहली सेल्फी कब ली गई थी, इतिहास और थीम

यह दिन फोटोग्राफी की कला, विज्ञान और इतिहास का एक वार्षिक, विश्वव्यापी उत्सव है। फोटोग्राफी किसी व्यक्ति की भावनाओं और व्यक्तित्व को व्यक्त करने का एक तरीका है। हेनरिक इबासेना की एक प्रसिद्ध कहावत भी है, हेनरिक ने कहा है कि – ‘एक तस्वीर एक हजार शब्दों के बराबर होती है (एक तस्वीर एक हजार शब्दों से बेहतर होती है)। कभी-कभी तस्वीरें शब्दों से ज्यादा किसी व्यक्ति की भावनाओं को व्यक्त करती हैं।

विश्व फोटोग्राफी दिवस का इतिहास
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विश्व फोटोग्राफी दिवस का इतिहास

सबसे पहले विश्व फोटोग्राफी दिवस की शुरुआत 9 जनवरी 1839 को फ्रांस में हुई थी। उस समय फोटोग्राफी प्रक्रिया की घोषणा की गई थी। इस प्रक्रिया को डोग्रोटाइपिंग प्रक्रिया कहा जाता है। इस प्रक्रिया को फोटोग्राफी की दुनिया की पहली प्रक्रिया कहा जाता है।

आपको बता दें कि इस प्रक्रिया का आविष्कार फ्रांस के जोसेफ नाइसफोर और लुई डौगर ने किया था। इसके बाद 19 अगस्त 1839 को फ्रांस की सरकार ने इस आविष्कार की घोषणा की और इसका पेटेंट प्राप्त कर लिया, इस दिन को याद करने के लिए विश्व फोटोग्राफी दिवस को सम्पूर्ण विश्व में मनाया जाता है।

विश्व फोटोग्राफी दिवस का इतिहास
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‘लेंस के माध्यम से महामारी लॉकडाउन’ की थीम

आपको बता दें कि विश्व फोटोग्राफी दिवस 2022 की थीम ‘लेंस के माध्यम से महामारी का लॉकडाउन’ है। इस विषय को रखने का महत्व यह है कि हम कैमरे के माध्यम से महामारी के कारण लॉकडाउन को कैसे देखते हैं। कोरोनावायरस के चलते पूरे देश में लॉकडाउन लगा दिया गया था। इस दौरान कई लोगों ने फोटोग्राफी का अद्भुत हुनर ​​भी सीखा।

इस समय ली गई पहली सेल्फी
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इस समय ली गई पहली सेल्फी

आज बेशक हर कोई सेल्फी ले रहा है, लेकिन दुनिया की पहली सेल्फी 182 साल पहले ली गई थी। यह सेल्फी अमेरिका के रॉबर्ट कॉर्नेलियस ने 1839 में ली थी। उस समय कोई नहीं जानता था कि सेल्फी क्या होती है, लेकिन रॉबर्ट कॉर्नेलियस ने इस नई पहल के साथ फोटोग्राफी का एक नया तरीका शुरू किया। रॉबर्ट कॉर्नेलियस द्वारा ली गई तस्वीर आज भी यूनाइटेड स्टेट्स लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस में प्रिंट में रखी गई है।

FAQ

हम विश्व फोटोग्राफी दिवस कैसे मना सकते हैं?

विश्व फोटोग्राफी दिवस कला, शिल्प, विज्ञान और फोटोग्राफी के इतिहास का एक वार्षिक, विश्वव्यापी उत्सव है। अगला विश्व फोटोग्राफी दिवस शनिवार, 19 अगस्त, 2023 को होगा। सोशल मीडिया पर अपनी सर्वश्रेष्ठ तस्वीरें साझा करना सुनिश्चित करें और #WorldPhotographyDay का उपयोग करके उन्हें टैग करें।

विश्व फोटोग्राफी दिवस का क्या महत्व है?

विश्व फोटोग्राफी दिवस का महत्व जागरूकता पैदा करना, विचारों को साझा करना और इस क्षेत्र में व्यक्तियों को प्रोत्साहित करना है। दिन की उत्पत्ति डैगुएरोटाइप के आविष्कार में निहित है, जो 1837 में फ्रांसीसी लोइस डागुएरे और जोसेफ नाइसफोर नीपसे द्वारा विकसित एक फोटोग्राफिक प्रक्रिया है।

कैमरे का आविष्कार कब हुआ था?

1816
पहला कैमरा 1816 में फ्रेंचमैन जोसेफ निसेफोर नीपस ने बनाया था। ब्यूमोंट न्यूहॉल द्वारा “द हिस्ट्री ऑफ फोटोग्राफी” के अनुसार, कैमरे के आविष्कार को उनके भाई को लिखे गए पत्रों में प्रलेखित किया गया था।

विश्व फोटोग्राफी दिवस 2022 की थीम

‘लेंस के माध्यम से महामारी लॉकडाउन’ है। 19वीं सदी की शुरुआत से, फोटोग्राफी जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।

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