Indian Navy Day 2022, इतिहास, महत्व और उत्सव

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Indian Navy Day 2022, इतिहास, महत्व और उत्सव

भारतीय नौसेना दिवस: आइये जानते हैं की नौसेना दिवस क्यों मनाया जाता है और इसका इतिहास क्या है?

प्रत्येक वर्ष 4 दिसंबर को भारतीय नौसेना दिवस को नौसेना बल की क्षमताओं के भव्य प्रदर्शन को दर्शाने के लिए किया जाता है।

आपको बता कि यह दिन 1971 के भारत और पाकिस्तान युद्ध के दौरान भारतीय नौसेना द्वारा किये गए “ऑपरेशन ट्राइडेंट” की याद दिलाता है, जिसमें भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान स्थित कराची बंदरगाह पर हमला किया था। जिसने पाकिस्तान की कमर तोड़ दी थी।

नौसेना दिवस नौसेना की महान उपलब्धियों का जश्न मनाने और नौसेना के नायकों को श्रद्धांजलि देने का एक अवसर है।

नौसेना दिवस से पहले का सप्ताह कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं जैसे फोटो प्रदर्शनियों, रक्तदान शिविरों और आगंतुकों के लिए युद्धपोत खोलने के साथ चिह्नित है।

इतिहास में पहली बार इस साल का भारतीय नौसेना दिवस समारोह राजधानी दिल्ली के बाहर आयोजित होगा।

भारतीय नौसेना की शक्ति का होगा प्रदर्शन

भारतीय नौसेना की सैन्य ताकत को विश्व के सामने दर्शाने के लिए पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी नौसेना कमान के जहाज, पनडुब्बियां और विशेष बल आज विशाखापत्तनम में नौसेना की ताकत का प्रदर्शन करेंगे।

कार्यक्रम का समापन सूर्यास्त समारोह और बंदरगाह में जहाजों को रोशन करने के साथ होगा।

नौसेनाध्यक्ष एडमिरल आर हरि कुमार द्वारा आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सम्मानित और मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होंगी। इसके अतिरिक्त समारोह में केंद्र और राज्य सरकार के गणमान्य व्यक्ति भी शामिल होंगे।

इस वर्ष के समारोह को भारत के रूप में विशेष रूप से स्वतंत्रता के 75 वर्षों को चिह्नित करते हैं।

सरकार का कहना है कि, “इस साल, जैसा कि भारत अपनी स्वतंत्रता के 75 साल पूरे होने के जश्न की शुरुआत के रूप में ‘अमृत काल’ की शुरुआत कर रहा है, भारतीय नौसेना एक ‘ऑपरेशनल डिमॉन्स्ट्रेशन’ के माध्यम से भारत की युद्ध क्षमता और क्षमता का प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार है।”

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