career in history after 12th | इतिहास विषय में भी हैं रोजगार की संभावनाएं

Contents

 career in history after 12th | इतिहास विषय में भी हैं रोजगार की संभावनाएं

अगर आपको अतीत को जानने में रूचि है तो आप भी इतिहास विषय में अपना करियर बना सकते हैं। इतिहास आपको प्राचीन, मध्यकाल और आधुनिकाल से जुड़े विभिन्न मुद्दों -राजनैतिक, सामजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों के विषय में जानकारी उपलब्ध करता है। 


career in history after 12th
photo credit – aajtak.in


इतिहास में भविष्य

इतिहास विषय में अगर आपको करियर बनाना है तो इसके लिए आपको इंटरमीडिएट के बाद ही कोर्स करने होंगे। आप इतिहास से स्नातक कर सकते हैं। स्नातक के बाद परास्नातक ( एमए ) करके एमफिल या पीएचडी में उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त आप आर्कियोलॉजी, म्यूजियोलॉजी और आर्काइवल स्टडीज में भी विशेषज्ञता (specialization ) हासिल कर सकते हैं।
YOU MAY READ

चालुक्य शासक पुलकेशिन द्वितीय की उपलब्धियां तथा इतिहास 

मगध का इतिहास 

पाकिस्तान में मिला 1,300 साल पुराना मंदिर

बुद्ध कालीन भारत के गणराज्य

इतिहास विषय में नौकरी कहाँ मिलेगी

 अगर आपने इतिहास विषय से स्नातक या परास्नातक कर लेते हैं तो आपको सरकारी नौकरी प्राप्त करने के अनेक अवसर प्राप्त होंगे।

आर्केलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया (Archaeological Survey of India ), सेना,  सूचना प्रसारण मंत्रालय में बहुत से मौके मिलते हैं जहाँ आपको रोजगार मिलेगा। अगर इतिहास के साथ बिजनेस में भी रूचि है तो आपके लिए ऑक्शन हॉउस (auction house) में सेल्स, नीलामीकर्ता (auctioneer) और शोधकर्ता ( researcher ) के मौके उपलब्ध होंगे। इसके अतिरिक्त शिक्षक की नौकरी, पत्रकरिता, लाइब्रेरी, क्यूरेटर, आर्काइव्स, म्यूजियम, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों, हिस्टोरिक सोसाइटी (Historic Society ), नेशनल पार्क सेवाओं में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं।
YOU MAY READ

भारत की प्रथम मुस्लिम महिला शासिका | रजिया सुल्तान 1236-1240

 सरकारिया आयोग का गठन कब और क्यों किया गया था। 

मोतीलाल नेहरू के पूर्वज कौन थे | नेहरू शब्द का अर्थ और इतिहास

वारहवीं के बाद (after twelfth )

इतिहास विषय के साथ स्नातक, इसमें आप प्राचीन इतिहास, मध्यकालीन इतिहास  आधुनिक भारत के साथ पढाई कर सकते है।
इतिहास में स्नातक ऑनर्स (Bachelor Honors in History )

  • स्नातक के बाद क्या करें (What to do after graduation)
  • परास्नातक (Masters ) इन हिस्ट्री, प्राचीन इतिहास, मध्यकालीन भारतीय इतिहास अथवा आधुनिक भारतीय इतिहास के साथ।
  • एमएससी इन ग्लोबल हिस्ट्री , आर्थिक इतिहास।


परास्नातक ( Masters )  के बाद क्या करें

  • इतिहास विषय से एमफिल (MPhil in History )
  • इतिहास विषय में पीएचडी (PhD in History )
  • इतिहास विषय से नेट पात्रता परीक्षा  
  • इतिहास प्रवक्ता (लेक्चरर ) इण्टर कॉलेज में


लघु अवधि कोर्स (Short Term Course)

नेशनल आर्काइव्स (National Archives ) ऑफ़ इंडिया जैसी संस्थाएं भी कोर्स कराती हैं—

  • आर्काइव्स मैनेजमेंट
  • रिकॉर्ड मैनेजमेंट
  • रपोग्राफी
  • केयर एंड कंजर्वेशन ऑफ़ बुक्स
  • मनुष्किप्टस एंड आर्काइव्स
  • सर्विस एंड रिपेयर ऑफ़ रिकार्ड्स
  • हैरिटेज मैनेजमेंट


    तो आप इतिहास विषय को पढ़कर उसमें विशेषज्ञता प्राप्त करके रोजगार  विभिन्न अवसर प्राप्त कर सकते हैं। 

YOU MAY READ ALSO

इल्तुतमिश | Iltutmish

तक्षशिला | तक्षशिला विश्वविद्यालय किस शासक द्वारा स्थापित किया गया

The U.S. Capitol Attack-On January 6, 2021

सावित्री बाई फुले | भारत की प्रथम महिला शिक्षिका 

 पूना पैक्ट गाँधी और सवर्णों की साजिश ?

 फ्रांसीसी क्रांति – 1789 के प्रमुख कारण  और परिणाम

भारत सरकार ने विदेशों से धन प्राप्त करने पर मदर टेरेसा चैरिटी पर क्यों लगाया गया प्रतिबंध

चालुक्य शासक पुलकेशिन द्वितीय की उपलब्धियां तथा इतिहास 


Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published.