बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश: इतिहास और उद्देश्य

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बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश: इतिहास और उद्देश्य
फोटो-बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश

 

भारत सहित प्रदेश के सभी नागरिक शिक्षित व सभ्य बनें, देश और जन-जन का कल्याण करने में भागीदारी करें”, के सर्वमान्य सिद्धान्त की उद्देश्य पूर्ति के लिए शिक्षा एक अत्यन्त सशक्त एवं प्रभावकारी माध्यम है। शिक्षा ही वह वृक्ष है जो बौद्धिक सम्पन्नता एवं राष्ट्रीय आत्म निर्भरता की आधारशिला के ऊपर ज्ञान के फल लगाती है।

 बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश का इतिहास

आपको बता दें कि वर्ष 1972 तक शिक्षा निदेशक के अधिकार में प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च तथा प्रशिक्षण स्तर की शिक्षा का संचालन होता था। मगर दिनों-दिन शिक्षा के बढ़ते भार, कार्यों, विद्यालयों की संख्या एवं नवीनतम तकनीकी प्रयोगों के कुशल संचालन तथा कार्यक्रम को अधिक गतिशील एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से वर्ष 1972 में एक अलग विभाग की स्थापना के विचार के उद्देश्य से, शिक्षा निदेशालय के विभाजन का निर्णय लिया गया, जिसके अन्तर्गत शिक्षा निदेशक (बेसिक), शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) एवं उच्च शिक्षा निदेशक के पदों का अलग-अलग सृजन कर इसे तीन स्वतंत्र खण्डों में विभाजित किया गया | 

किन्तु 3 वर्ष पश्चात 1975 में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा का एकीकरण कर दिया गया, जबकि उच्च शिक्षा विभाग यथावत स्वतंत्र रूप से अलग चलता रहा। मगर बढ़ती जनसंख्या और शिक्षा की कुशलता को बढ़ाने की आवश्यकता महसूस हुई अतः वर्ष 1985 में बेसिक शिक्षा को अधिक प्रभावी, गतिशील एवं उद्देश्यपूर्ण बनाने के लिए अलग से बेसिक शिक्षा निदेशालय की स्थापना की गयी ।

बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश: इतिहास और उद्देश्य

बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश की योजनाएं

उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा, उर्दू एवं प्राच्य भाषा, राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, साक्षरता एवं वैकल्पिक शिक्षा, सर्व शिक्षा अभियान, मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण तथा शोध कार्यक्रमों को अधिक गतिशील और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सभी के अलग-अलग निदेशालय स्थापित किये गये हैं।

मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक और बेसिक शिक्षा अधिकारी के पद

प्राथमिक शिक्षा से सम्बन्धित गैर सरकारी निजी विद्यालयों को मान्यता एवं सामान्य नियंत्रण के कार्य हेतु उ0प्र0 बेसिक शिक्षा परिषद का गठन 25-7-1972 को किया गया। 

ऐसे विद्यालयों की देख-रेख हेतु मण्डल स्तर पर मण्डलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) तथा जनपद स्तर पर BSA( बेसिक शिक्षा अधिकारी) तथा विकास खण्ड स्तर पर ABSA (खण्ड शिक्षा अधिकारियों) की व्यवस्था  संचालन में है। 

वेतन वितरण अधिनियम-लेखा संगठन

परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत समस्त शिक्षकों/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के वेतन वितरण, सामान्य भविष्य निर्वाह निधि की धनराशि के रख-रखाव एवं सेवानिवृत्त लाभों के भुगतान हेतु बेसिक शिक्षा परिषद में लेखा संगठन की भी स्थापना वर्ष 1986 में की गयी, जिसके अन्तर्गत जनपदों के वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा) तथा परिषद मुख्यालय पर वित्त नियंत्रक बेसिक शिक्षा का अधिष्ठान स्थापित किया गया। फ़फ़ोटो-बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश.

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प्राथमिक शिक्षा के सार्वभौमिकरण के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु शिक्षा की पहुँच का विस्तार, सकल नामांकन अनुपात में वृद्धि एवं शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के सुनियोजित कार्यक्रम संचालित हैं।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद-45 में राज्य के नीति निर्देशक तत्वों (36-51) के अन्तर्गत यह व्यवस्था बनायी गयी थी कि संविधान को स्वीकृति के 10 वर्षों के भीतर 6-14 वर्ष के वर्ग आयु के सभी बालक/बालिकाओं के लिए निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा की व्यवस्था की जायेगी। वर्ष 1986 में जब राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनी थी तब से अब तक विशेष रूप से प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में काफी ठोस और गुणवत्ता युक्त सुधार हुआ है। 

राज्य सरकार द्वारा सर्व शिक्षा अभियान योजनान्तर्गत 6-14 आयु वर्ग के सभी बालक-बालिकाओं को कक्षा-1 से 8 तक की शिक्षा एकदम मुफ्त उपलब्ध कराने हेतु सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करते हुए विभिन्न कार्यक्रम संचालित किये जा रहे है। 

निःशुल्क और बाल शिक्षा का अधिकार अनुच्छेद-51क, के तहत उठाये गए कदम

अधिनियम-2009 के अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक 300 की आबादी और 01 कि0मी0 की दूरी पर प्राथमिक विद्यालय की सुविधा तथा 03 कि0मी0 की दूरी एवं 800 आबादी पर 01 उच्च प्राथमिक विद्यालय की स्थापना का मानक निर्धारित करते हुए विद्यालय की स्थापना की गयी हैं।https://studyguru.org.in

बेसिक शिक्षा विभाग में उत्तर प्रदेश में स्थापित सभी निदेशालयों के बीच आपसी समन्वय, प्रभावी प्रशासनिक नियंत्रण, नवीनतम पर्यवेक्षण एवं समेकित डाटा विश्लेषण की आवश्यकता के दृष्टिगत बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन गठित 05 निदेशालयों में वित्तीय नियंत्रण/प्रशासकीय नियंत्रण के उद्देश्य एवं विभाग में संचालित महत्वपूर्ण योजनाओं के त्वरित गति से क्रियान्वयन तथा प्राथमिक शिक्षा के स्तर में प्रभावी गुणात्मक सुधार एवं कार्यरत एवं चयनित शिक्षकों की दक्षता वृद्वि हेतु वर्ष 2019 में महानिदेशक,स्कूल शिक्षा (डी0जी0एस0ई0) के पद का गठन किया गया ।

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 डिस्क्लेमर-यह आर्टिकल बेसिक शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://basiceducation.up.gov.in/hi/page/about-basic-education से लिया गया है।


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