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बुद्ध कालीन भारत के गणराज्य

 बुद्ध कालीन भारत के गणराज्य

       बुद्ध काल में सिर्फ राजतंत्रों का ही बोलबाला नहीं था बल्कि कुछ राज्य गणतांत्रिक व्यवस्था के भी थे , गणराज्य राजतन्त्रों से इस अर्थ में भिन्न थे कि उनका शासन किसी वंशानुगत राजा के हाथ में न होकर गण अथवा संघ के हाथ में होता था । परंतु प्राचीन भारत के गणतंत्र आधुनिक काल के गणतंत्र से भिन्न थे। आधुनिक काल में गणतंत्र प्रजातंत्र का समानार्थी है जिसमें शासन की अंतिम शक्ति जनता के हाथों में निहित रहती है। प्राचीन भारत के गणतंत्र  इस अर्थ में गणतंत्र नहीं कहे जा सकते। उन्हें हम आधुनिक शब्दावली में कुलीन तंत्र अथवा अभिजात तंत्र कह सकते हैं जिसमें शासन का संचालन संपूर्ण प्रजा द्वारा न होकर किसी कुल विशेष के प्रमुख व्यक्तियों द्वारा किया जाता था।


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1– कापिलवस्तु के शाक्य– यह गणराज्य नेपाल की तराई में स्थित था जिसकी राजधानी कपिलवस्तु थी। गौतम बुद्ध का जन्म इसी गणराज्य में हुआ था।

2-सुमकुमार पर्वत भग्ग–  तुम कुमार पर्वत की पहचान मिर्जापुर जिले में स्थित वर्तमान चुनार से की गई है ।

3-अलकप्प के बुलि (The Buli-Buli republic of Alakapp) – वर्तमान बिहार राज्य के शाहबाद और आरा जिलों के मध्य बुलि गणराज्य स्थित था।

4- केसपुत्त के कालाम – बुद्ध काल का यह एक महत्वपूर्ण गणराज्य था। संभवतः यह गणराज्य वर्तमान उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के कुंड़वार से लेकर पालिया नामक स्थान तक विस्तृत  था। 

5- रामग्राम के कोलिय– रामग्राम की पहचान वर्तमान गोरखपुर जिले में स्थित रामगढ़ ताल से की गई है। यह शाक्य गणराज्य के पूर्व में स्थित था, दक्षिण में यह गणराज्य सरयू नदी तक विस्तृत था।

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6- कुशीनारा के मल्ल Malls of Kushinara  – मल्ल, बुद्ध के समय में आदिवासी लोग ( 6ठी- चौथी शताब्दी ईसा पूर्व), जो आधुनिक बिहार राज्य, उत्तरी भागों में बस गए। उनके दो सबसे महत्वपूर्ण शहर कुशीनगर (कुसिनारा) और पावा (आधुनिक गोरखपुर के पूर्व में स्थित) थे। मल्लों के पास एक विधानसभा के साथ सरकार का एक गणतांत्रिक रूप था। उन्होंने बुद्ध के समय के बारे में अपनी स्वतंत्रता खो दी और मगध साम्राज्य द्वारा कब्जा कर लिया गया .

7- पावा के मल्ल Malls of Pava–  उत्तर प्रदेश राज्य के आधुनिक देवरिया जिले में स्थित पडरौना नामक तहसील से पावा गणराज्य की पहचान की गई है।

8- पिप्पलिवन के मोरिय–   चंद्रगुप्त मौर्य इसी परिवार में उत्पन्न हुआ था। पिप्पलिवन का समीकरण गोरखपुर में कुसुम्हीं  के पास स्थित राजधानी नामक ग्राम से किया जाता है।

9- वैशाली के लिच्छवि-  यह बुद्ध काल का सबसे प्रसिद्ध शक्तिशाली गणराज्य था। वैशाली की पहचान मुजफ्फरपुर जिले के बसाढ़ नामक स्थान से की गई है।

10- मिथिला के विदेह–  बिहार के भागलपुर तथा दरभंगा जिले के भूभाग में विधि गणराज्य स्थित था।  
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