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बलबन का राजत्व सिद्धांत- बलबन का जीवन परिचय, उपलब्धियां, राजतत्व का सिद्धांत, लौह एवं रक्त की नीति

बलबन का राजत्व सिद्धांत

बलबन का प्रारम्भिक जीवन बलबन दास वंश के सुल्तानों में सबसे अधिक शक्तिशाली माना जाता है। बलबन का जन्म 1216 ईस्वी में तुर्किस्तान में हुआ था। उसका वास्तविक नाम बहाउद्दीन था। वह इल्बारी तुर्क जाति से संबंधित था। उसे बचपन में ही मंगोलो ने पकड़ लिया था। बलबन को मंगोलो ने गजनी में ख्वाजा जमालुद्दीन … Read more

सती प्रथा क्या है- जानिए सती प्रथा के ऐतिहासिक पहलू

सती प्रथा क्या है- जानिए सती प्रथा के ऐतिहासिक पहलू

सती प्रथा का प्रारम्भ और उसके चलन की समस्या विवाह और पारिवारिक प्रणाली के इतिहास के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। सती प्रथा पितृसत्तात्मक वैवाहिक पद्धति का अभिन्न अंग थी। विवाह का सबंध व्यक्तियों से नहीं बल्कि संपूर्ण कुल या परिवार अथवा सामाजिक प्रणाली से था। अतएव सती प्रथा के स्वरूप को समझने के … Read more

Ameen Sayani Biography in Hindi | अमीन सयानी की जीवनी- जन्म, आयु, करियर, पत्नी, संतान, पुरस्कार और सम्मान, मृत्यु का कारण

Ameen Sayani Biography in Hindi | अमीन सयानी की जीवनी- जन्म, आयु, करियर, पत्नी, संतान, पुरस्कार और सम्मान, मृत्यु का कारण

Ameen Sayani–अमीन सयानी कौन थे? अमीन सयानी प्रसिद्ध रेडियो उद्घोषक थे जिनकी आवाज के लोग दीवाने रहे। उनके द्वारा प्रस्तुत प्रसिद्ध कार्यक्रम ‘बिनाका गीतमाला’ को भला कौन भूल सकता है ? जिस ताजगी और जादू भरी आवाज में वे इस कार्यक्रम को प्रस्तुत करते थे वह श्रोताओं को रेडियो से बाँध देते थे। रेडियो सीलोन … Read more

Sarfaraz Khan Biography in Hindi,आयु, परिवार, पत्नी, करियर, नेटवर्थ, और ताजा जानकारी

Sarfaraz Khan

Sarfaraz Khan-भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे तीसरे टेस्ट के पहले दिन भारत की ओर से अपना पहला टेस्ट खेल रहे 26 वर्षीय युवा बल्लेबाज सरफराज़ खान ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए इंटरनेशनल क्रिकेट में धमाकेदार शुरुआत की। गूगल ट्रेंड में लोग सरफराज खान की आयु,, परिवार, करियर और उनकी पत्नी तथा नेट … Read more

Muhammad Bin Tughlaq in Hindi | मुहम्मद बिन तुग़लक़- इतिहास, योजनाएं, उपलब्धियां, असफलताएं, चरित्र और मृत्यु

Muhammad Bin Tughlaq

सल्तनतकालीन भारतीय इतिहास का सबसे शिक्षित मगर सबसे अभागा सुल्तान था Muhammad Bin Tughlaq-मुहम्मद तुग़लक़ । उसके पिता का नाम गयासुद्दीन तुग़लक़ उर्फ़ गाज़ी मालिक था। गयासुद्दीन की मृत्यु 1325 ईस्वी होने के बाद उसके उत्तराधिकारी के रूप में उसके पुत्र राजकुमार जूना खां को सिंहासन पर बैठाया गया। यही जूना खां मुहम्मद तुग़लक़ की … Read more

Sen Vansh Kaa Itihas | बंगाल के सेन राजवंश का इतिहास और उपलब्धियां

Sen Vansh Kaa Itihas

भारतीय इतिहास में बंगाल का अत्यंत महत्व रहा है मध्यकाल में बंगाल में पाल वंश के पतन के बाद Sen Vansh-सेन वंश के हाथ में बंगाल की शासन सत्ता आई। सेन शासक शक्तिशाली थे और उन्होंने अपने साम्राज्य का विस्तार किया। सेन वंश इतिहास कई उपलब्धियों के लिए जाना जाता है। सेन शासक साहित्य तथा … Read more

Sutra Kaal in Hindi-सूत्र काल में सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक और राजनीतिक जीवन

Sutra Kaal in Hindi

उत्तर वैदिक काल के अंत तक वैदिक साहित्य का विस्तार हुआ साथ ही जटिलताएं भी बढ़ गईं। इसका परिणाम यह हुआ कि किसी एक व्यक्ति के लिए इन सबको कंठस्थ करना दुर्लभ कार्य था। इसलिए वैदिक साहित्य को अक्षुण्य रखने के लिए इसे संछिप्त करने की आवश्यकता महशुस हुई। सूत्र-साहित्य द्वारा इस आवश्यकता को पूरा … Read more

Chaudhary Charan Singh biography in hindi |चौधरी चरण सिंह का जीवन परिचय हिंदी में

चौधरी चरण सिंह भारतीय राजनीति के एक प्रमुख राजनेता थे, जिन्हें किसानों का मसीहा कहा जाता है। वे भारत के पांचवें प्रधानमंत्री थे, यद्यपि उनका कार्यकाल बहुत कम रहा। वे लगभग 6 माह ही भारत के प्रधानमंत्री (28 जुलाई 1979-14 जनवरी 1980) रहे। उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन एक सामान्य भारतीय और किसान के रूप में … Read more

History of Maratha in Hindi | मराठा इतिहास हिंदी में

ऐतिहासिक रूप से मराठों को सामान्यत: ‘महरट्टा’ या ‘महरट्टी’ के रूप में जाना जाता है, जिन्हें इतिहास में उनकी बहादुरी के लिए पहचाना जाता है। मराठे विशेष रूप से क्षेत्रीय रक्षक और हिन्दू धर्म के उद्धारक के रूप में पहचाने जाते हैं, और इनका गृहक्षेत्र महाराष्ट्र राज्य के आधुनिक मराठी-भाषी क्षेत्र से संबंधित है।

भारत विभाजन और सत्ता का हस्तांतरण- चुनौतियाँ और हल

1945-46 के शीतकालीन चुनावों ने मुस्लिम लीग के लिए जिन्ना की रणनीतिक दृष्टि की प्रभावशीलता पर प्रकाश डाला। लीग ने केंद्रीय विधान सभा में मुसलमानों के लिए आरक्षित सभी 30 सीटें और अधिकांश आरक्षित प्रांतीय सीटें हासिल कर लीं। इस सफलता ने राजनीतिक रूप से ध्रुवीकृत परिदृश्य के उद्भव को उजागर करते हुए, ब्रिटिश भारत की संपूर्ण आबादी के लिए प्रतिनिधित्व का दावा करने की कांग्रेस पार्टी की क्षमता को कम कर दिया।