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Adani समूह की सहायक कंपनी MMG मीडिया नेटवर्क्स लिमिटेड ने NDTV में 29.18% हिस्सेदारी हासिल की, कंपनी ने BSE को जानकारी दी

Adani समूह की सहायक कंपनी MMG मीडिया नेटवर्क्स लिमिटेड ने NDTV में 29.18% हिस्सेदारी हासिल की, कंपनी ने BSE को जानकारी दी-NDTV मीडिया ग्रुप में अब सरकार समर्थित गौतम अडानी के मीडिया ग्रुप (AMG मीडिया नेटवर्क ) की एंट्री

Adani समूह की सहायक कंपनी MMG मीडिया नेटवर्क्स लिमिटेड ने NDTV में 29.18% हिस्सेदारी हासिल की, कंपनी ने BSE को जानकारी दी
Image Source:www.dnaindia.com

Adani समूह की सहायक कंपनी MMG मीडिया नेटवर्क्स लिमिटेड ने NDTV में 29.18% हिस्सेदारी हासिल की, कंपनी ने BSE को जानकारी दी

अब तक भारत के जिस मीडिया नेटवर्क को निष्पक्ष ख़बरों के लिए जाना जाता था, वह भी अब सरकार के सबसे ख़ास व्यापारिक समूह अडानी द्वारा खरीदने की खबरे सामने आ रही हैं। इस खबर को लेकर सोशल मीडिया में तरह-तरह खबरे चल रहे हैं। कुछ सरकार समर्थक यूजर पत्रकार रविश कुमार को लेकर तरह-तरह के मजाक बना रहे हैं। आइये जानते हैं इस खबर की सच्चाई क्या है?

देश के सबसे बड़े व्यापारिक अडानी समूह जल्द ही NDTV मीडिया समूह में 29.18% हिस्सेदारी खरीद को मंजूरी देगा. अडानी ग्रुप द्वारा संचालित AMG मीडिया नेटवर्क के जरिए इस सौदे को अंजाम दिया जायेगा. AMG मीडिया नेटवर्क लिमिटेड की सब्सिडियरी VPCL के जरिए हिस्सेदारी खरीदने की बात सामने आ रही है. अडानी मीडिया नेटवर्क के सीईओ संजय पुगलिया ने इस सौदे के संबंध में एक लेटर जारी करके यह जानकारी दी है.

आपको बता दें कि इस सौदे की खबर को लेकर सोशल मीडिया पर भिन्न-भिन्न प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. कुछ यूजर का कहना है कि अब एनडीटीवी भी निष्पक्ष नहीं रहेगा, क्योंकि भारत के अधिकतर मीडिया चैनल सरकार समर्थित उद्योगपतियों के हाथों में हैं और अब एनडीटीवी की एक बड़ी हिस्सेदारी भी अदानी ग्रुप के हाथ में आ जाएगी. देश के जाने-माने पत्रकार रवीश कुमार को लेकर भी कई तरह की बातें सोशल मीडिया चल रही हैं.

इस सौदे के बारे में कांग्रेस नेता गौरव वल्लभ ने लिखा कि, NDTV में हिस्सेदारी ख़रीदेगा अडानी ग़्रुप.चलो अब NDTV भी “नरेंद्र दामोदरदास टीवी” होने की राह अग्रसर हो गया है.

आपको बता दें कि लंबे समय से एक वर्ग ऐसा है जो निष्पक्ष ख़बरों को लिए रवीश कुमार पर भरोसा करता रहा है, दर्शक अपनी निष्पक्ष जिज्ञासा को शांत करने के लिए कहीं न कहीं भारतीय समाचार चैनलों में एनडीटीवी को पसंद करता है, रविश कुमार का प्राइम टाइम देखना पसंद करता था.

अब उन लोगों को इस बात को लेकर संदेह है कि क्या अब एनडीटीवी पर निष्पक्ष खबरें देखने को मिलेंगी या वह भी सरकारी प्रचार का एक माध्यम बनकर रह जायेगा?

अब सवाल यह नहीं उठ रहा है कि मौजूदा सत्ताधारी पार्टी से सवाल-जवाब एनडीटीवी पर होंगे? क्योंकि गौतम अडानी को मौजूदा सत्ताधारी पार्टी का सब करीबी माना जाता है, गौतम अडानी ने जिस प्रकार से पिछले 8 सालों में अपना कारोबार बढ़ाया है उसमें एक बहुत बड़ा हाथ सरकार का भी है और गौतम अडानी को गुजरती होने के नाते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सबसे करीबी माना जाता है.

हालांकि यह तो आने वाले वक्त तय करेगा कि एनडीटीवी पर इस सौदे का कितना प्रभाव पड़ेगा और उस पर चलने वाली खबरें पहले की तरह निष्पक्ष होंगी अथवा सर्कार समर्थित ख़बरें परोसी जाएँगी, जैसा कि भारत के ज्यादातर खबरिया चेंनल कर रहे हैं.

अडानी ग्रुप के स्वामित्व वाले AMG मीडिया ने एनडीटीवी में 26% अतिरिक्त हिस्सेदारी के लिए भी पेशकश की है. अडानी ग्रुप ने एनडीटीवी में ₹294 प्रति शेयर की दर से 26% हिस्सेदारी के लिए 493 करोड रुपए की खुली पेशकश की है. इसके बाद एनडीटीवी के शेयरों में मंगलवार को 5% उछाल देखा गया और यह 376.55 पर जाकर बंद हुआ.

आपको बता दें कि अडानी ग्रुप ने 26 अप्रैल 2022 को मीडिया नेटवर्क में कदम रखा था और AMG(अडानी मीडिया ग्रुप) मीडिया नेटवर्क लिमिटेड नाम की कंपनी बनाई थी, इसमें मीडिया कारोबार को चलाने के लिए 1 लाख की इनिशियल ऑथराइज्ड और पेड अप शेयर कैपिटल का प्रोविजन किया है. ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के अनुसार वर्तमान में भारत के सबसे अमीर उद्योगपति गौतम अडानी की नेटवर्थ लगभग 8 लाख करोड रुपए आंकी है.

अब देखना होगा और भी दिचस्प होगा कि क्या बाकई सरकार पैसे के दम पर खबरों को प्रभावित करती है जैसा कि आरोप लगता है। क्या रवीश कुमार ndtv को गुड बाय कहेंगे या फिर सरकार के नक्सेकदम पर चलेंगे।

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