किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके पैन कार्ड और आधार कार्ड का क्या करना चाहिए?

 भारत मे पहचान के रूप में दो दस्तावेजों को महत्वपूर्ण माना जाता है-पैन कार्ड और आधार कार्ड। भारत में इन दोनों दस्तावेजों की जरूरत हर जगह पड़ती है। चाहे बैंक में खाता खोलना हो या किसी नौकरी के लिए अप्लाई करना हो। ये दोनों दस्तावेज एक नागरिक के जीते जी हर जगह काम आते हैं।। मगर क्या आप यह जानते हैं कि मृत्यु के बाद इन दोनों दस्तावेजों का क्या होता है या इन डॉक्यूमेंट के साथ क्या करें? आज हम आपको इसके बारे अति आवश्यक जानकारी से पारीचित कराएंगे। ये एक महत्वपूर्ण जानकारी है जिसके विषय में हर भारतीय को पता होना चाहिए।

किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके पैन कार्ड और आधार कार्ड का क्या करना चाहिए?
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पैन कार्ड के सम्बंध में क्या करें?

     यह हम सब जानते हैं कि पैन कार्ड एक ऐसा अति महत्वपूर्ण दस्तावेज है जो बैंक खाते, डीमैट एकाउंट से लेकर इनकम टैक्स भरने का प्रमुक दस्तावेज है। यह तब तक सम्भालकर रखना होता है जब तक यह पूर्णतया बंद न हो जाये। यदि इसके पूर्व किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो उसके कानूनी उत्तराधिकारी की यह जिम्मेदारी है कि वह पैन कार्ड को आयकर विभाग को सौंप दे साथ ही मृतक के सभी खातों को बंद कर देना चाहिए अथवा अन्य नाम पर ट्रांसफर करा लें।

आयकर विभाग में कैसे जमा करें पैन कार्ड?

       पैन कार्ड को जमा करने के लिए मृतक के प्रतिनिधि या उत्तराधिकारी को आयकर विभाग के उस अधिकारी से मिलना है जो पैन कार्ड सम्बंधित मामले आते हैं। एक एप्लीकेशन के माध्यम से उस अधिकारी को सूचित करें कि यह पैन कार्ड क्यों वापिस किया जा रहा है। एप्लिकेशन में मृतक का नाम, पैन कार्ड का नम्बर, जन्मतिथि और मृत्यु प्रमाण पत्र की छाया प्रति भी लगाएं। यद्यपि अगर आपको लगता है कि भविष्य में इस पैन कार्ड की आवश्यकता होगी तब इस कार्ड को जमा न करें और सुरक्षित रखें। क्योंकि यह अनिवार्य नहीं है कि आपको यह जमा करना ही होगा।

आधार कार्ड के विषय में क्या करना चाहिए?

       पैन कार्ड के बाद जो महत्वपूर्ण दस्तावेज है वह आधार कार्ड है। यह भी पहचान एवम आपके एड्रेस प्रूफ के रूप में एक प्रमुख दस्तावेज होता है। तमाम सरकारी योजनाओं-गैस सब्सिडी, बैंक एकाउंट आदि से लेकर, स्कूल-कॉलेज, परीक्षा आदि में यह काम् आता है। आधार कार्ड में एक विशिष्ट नंबर जिसे यूनिक नम्बर कहा जाता है अंकित होता है जो मृत्यु के बाद भी चलता रहता है जो किसी अन्य को आवंटित नहीं होता।

       अब प्रश्न यह आता है कि मृत्यु के बाद आधार कार्ड का क्या करें? क्या इसे नष्ट अथवा डिएक्टिवेट कर सकते हैं? इस संबंध में संसद में सरकार ने जानकारी देते हुए खुद कहा है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके आधार कार्ड को डिएक्टिवेट करने का कोई प्रावधान मौजूद नहीं है। यानि अभी ऐसी कोई विधि नहीं है कि किसी मृतक का आधार कैंसिल किया जा सके।

     लेकिन अगर आपको इसके किसी दुरुपयोग की आशंका है तो आप आधार कार्ड को मृतक के मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ दर्ज करा सकते हैं।


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